आंख में फुंसी होना क्या है (Stye)? कारण, लक्षण, उपचार और बचाव

आंख में फुंसी

आई स्टाई एक छोटी लाल गांठ होती है जो आमतौर पर पलक के किनारे या अंदर बनती है। इसे “होर्डियोलम” भी कहा जाता है। यह तब होता है जब पलक के बालों के फॉलिकल या तेल बनाने वाली ग्रंथियां (ग्लैंड्स) बैक्टीरिया से संक्रमित हो जाती हैं। इससे पलक पर दर्द, सूजन और लालिमा हो जाती है।

आंख में फुंसी या आंख में गुहेरी, जिसे बिलनी या Eye Stye भी कहा जाता है, आंख की पलक पर होने वाली एक छोटी, दर्दनाक फुंसी होती है। यह आमतौर पर बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण होती है। कई लोग इसे  आँख के अंदर दाना होना भी कहते हैं  आंख के अंदर दाना होना भी कहते हैं। यह समस्या दिखने में छोटी होती है, लेकिन दर्द, सूजन और असहजता पैदा कर सकती है।

बिलनी (Stye/गुहेरी) होने के कई कारण हैं सबसे प्रमुख वजह पलक की तेल वाली ग्रंथियों में इंफेक्शन और उनका बंद हो जाना है। यह आमतौर पर बैक्टीरिया (ज्यादातर स्टैफिलोकोकस) के कारण होता है। जब हम गंदे हाथों से आंखों को छूते हैं, रात में मेकअप नहीं हटाते, या कॉन्टैक्ट लेंस ठीक से साफ नहीं करते, तो पलक के किनारे पर मवाद वाली छोटी फुंसी बन जाती है।

आई स्टाई के प्रकार

बाहरी आई स्टाई: यह पलक के बाहरी किनारे पर, आईलैश के फॉलिकल या उससे जुड़ी छोटी ग्रंथियों में बनता है। यह आमतौर पर ज्यादा गंभीर नहीं होता और सही देखभाल से ठीक हो जाता है।

 आंतरिक आई स्टाई: यह पलक के अंदर की मेइबोमियन ग्रंथी में होता है। यह ज्यादा दर्दनाक होता है और इसे जल्दी इलाज की जरूरत होती है। आई स्टाई के लक्षण

पलक पर एक छोटी, लाल और दर्दनाक गांठ पलक सूजना और लाल होना आंख में खुजली या जलन महसूस होना आंखों से पानी आना या मवाद निकलना पलक के किनारों पर सूखी परत या क्रस्ट बनना आंखों में हल्की धुंधलापन या देखने में परेशानी लाइट से संवेदनशीलता बढ़ना आंखों में ऐसा महसूस होना जैसे कोई कण फंसा हो

आंख में फुंसी( स्टाई ) होना के लक्षण

  • पलक पर एक छोटी, लाल और दर्दनाक गांठ
  • पलक सूजना और लाल होना
  • आंख में खुजली या जलन महसूस होना
  • आंखों से पानी आना या मवाद निकलना
  • पलक के किनारों पर सूखी परत या क्रस्ट बनना
  • आंखों में हल्की धुंधलापन या देखने में परेशानी
  • लाइट से संवेदनशीलता बढ़ना
  • आंखों में ऐसा महसूस होना जैसे कोई कण फंसा हो

आंख में फुंसी( स्टाई )  के कारण

  • पलक की तेल ग्रंथियों का बंद हो जाना
  • बैक्टीरिया का संक्रमण
  • मेकअप हटाए बिना सोना
  • गंदे हाथों से आंखों को छूना
  • कॉन्टैक्ट लेंस का सही तरीके से साफ न करना
  • खराब या एक्सपायर हो चुका मेकअप इस्तेमाल करना
  • नींद की कमी और खराब खान-पान
  • आंखों को बार-बार रगड़ना

 

क्या आंख की फुंसी छूने से फैलती है?

गुहेरी को आसान भाषा में आंख की फुंसी  कहा जाता है और मेडिकल भाषा में स्टाई कहते हैं। यह ज़्यादातर बैक्टीरिया के इंफेक्शन की वजह से होती है। आमतौर पर आंख की फुंसी  सीधे-सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता। लेकिन इसमें ऐसे बैक्टीरिया होते हैं जो अगर साफ-सफाई न रखी जाए तो दूसरे व्यक्ति में भी संक्रमण पैदा कर सकते हैं।

इसलिए ज़रूरी है कि:

  • स्टाई को बार-बार हाथ न लगाएँ।
  • अगर छू लें तो तुरंत हाथ साबुन से धो लें।
  • बच्चों को भी समझाएँ कि फुंसी को न दबाएँ और हाथ बार-बार धोएँ।

 

ठीक होने तक क्या सावधानी रखें?

  • अपने तौलिये, रुमाल और तकिए के कवर रोज़ या बार-बार बदलें।
  • अपनी चीज़ें किसी और के साथ शेयर न करें।
  • आँखों का मेकअप (जैसे काजल, मस्कारा, आईलाइनर) किसी और के साथ बिल्कुल साझा न करें — और स्टाई ठीक होने के बाद भी पुराना मेकअप इस्तेमाल न करें।

साफ-सफाई रखने से स्टाई जल्दी ठीक होता है और दोबारा होने की संभावना भी कम हो जाती है।

आई स्टाई से बचाव के तरीके और इलाज कैसे करें? 

ज़्यादातर स्टाई अपने-आप 5 से 7 दिनों में ठीक हो जाती है। लेकिन कुछ आसान उपाय अपनाकर आप दर्द और सूजन को कम कर सकते हैं और जल्दी राहत पा सकते हैं।

1. गर्म सेक (Warm Compress)

स्टाई में सबसे आसान और असरदार उपाय है गर्म सेक करना
गर्मी से बंद हुई तेल ग्रंथि खुल जाती है और फुंसी जल्दी ठीक होने लगती है।

क्या करें:

  • एक साफ कपड़ा गुनगुने पानी में भिगोएँ
  • पानी निचोड़कर बंद आँख पर 10–15 मिनट रखें
  • दिन में 3–4 बार ऐसा करें

2. आँखों की साफ-सफाई रखें

स्टाई होने पर आँखों की सफाई बहुत जरूरी है।

क्या करें:

  • हल्के बेबी शैम्पू या डॉक्टर द्वारा बताए गए क्लीनर से पलकों को धीरे-धीरे साफ करें
  • जोर से न रगड़ें, इससे संक्रमण बढ़ सकता है

3. डॉक्टर द्वारा दी गई दवा का उपयोग

कुछ मामलों में डॉक्टर एंटीबायोटिक आई ड्रॉप या ऑइंटमेंट दे सकते हैं।
ये दवाएँ संक्रमण को कम करने में मदद करती हैं। हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही उपयोग करें।

4. फुंसी को दबाएँ या फोड़ें नहीं

कभी भी स्टाई को दबाने या फोड़ने की कोशिश न करें।
ऐसा करने से:

  • संक्रमण बढ़ सकता है
  • सूजन और दर्द ज्यादा हो सकता है
  • ठीक होने में अधिक समय लग सकता है

इसे अपने-आप ठीक होने दें।

5. स्टाई होने पर क्या सावधानी रखें

  • स्टाई होने पर आँखों में मेकअप न करें
  • कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग न करें
  • बार-बार आँखों को हाथ न लगाएँ
  • हाथों को साफ रखें

इससे संक्रमण फैलने से बचता है।

6. दर्द कम करने के उपाय

अगर दर्द ज्यादा हो तो डॉक्टर की सलाह से सामान्य दर्द निवारक दवा ले सकते हैं।
इससे दर्द और असहजता कम होती है।

आई स्टाई के घरेलू उपचार

  • दिन में 3-4 बार गुनगुने पानी से भिगोया हुआ साफ कपड़ा या वॉशक्लॉथ आंखों पर 5-10 मिनट रखें
  • गर्म सेक से सूजन और दर्द में आराम मिलता है
  • ज्यादा गर्म न करें, खासकर बच्चों के लिए सावधानी रखें
  • आंखों को साफ और सूखा रखें

क्यों  कई बार गुहेरी का इलाज  (आई स्टाई)  घर पर नहीं करना चाहिए?

गुहेरी का इलाज या आंख की फुंसी  में अगर नीचे दिए गए लक्षण दिखें, तो तुरंत आँखों के डॉक्टर (Eye Specialist) को दिखाना जरूरी है:

  • सूजन बहुत तेजी से बढ़ रही हो
  • लालिमा (लालपन) आँख के आसपास फैल रही हो
  • बुखार आ रहा हो
  • दृष्टि (Vision) धुंधली हो रही हो या देखने में परेशानी हो रही हो
  • स्टाई 10 दिनों से ज्यादा समय तक ठीक न हो
  • बार-बार स्टाई हो रहा हो 

आई स्टाई से होने वाली संभावित समस्याएं

मेइबोमियन सिस्ट:(Meibomian Cyst) :  पलक के अंदर एक सिस्ट बन जाना, जो इलाज से ठीक हो जाता है

प्री-सेप्टल सेल्युलाइटिस: संक्रमण का पलक के आसपास फैलना, जिससे सूजन और दर्द होता है, 

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

  • अगर स्टाई बहुत बड़ा या दर्दनाक हो
  • अगर आंख की रोशनी प्रभावित हो रही हो
  • अगर स्टाई पलक के अंदर हो
  • अगर कुछ दिन घरेलू इलाज के बाद भी ठीक न हो
  • अगर बार-बार स्टाई हो रही हो

आई स्टाई आमतौर पर खुद ही ठीक हो जाती है, लेकिन सही देखभाल और साफ-सफाई से इसे जल्दी ठीक किया जा सकता है और संक्रमण से बचा जा सकता है। अगर लक्षण गंभीर हों तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

निष्कर्ष (Conclusion)

आंख में फुंसी या आंख में गुहेरी, जिसे बिलनी या आई स्टाई  भी कहा जाता है जो एक सामान्य समस्या है और सही देखभाल से जल्दी ठीक हो जाती है।  गर्म सेक, साफ-सफाई और सही सावधानियाँ अपनाने से आराम जल्दी मिलता है।  अगर स्टाई 7–10 दिनों में ठीक न हो या सूजन बढ़ जाए, तो आँखों के डॉक्टर को जरूर दिखाएँ।

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